तरया स्थित केंद्रीय कार्यालय में कार्यक्रम, पशु पोषण व गोशाला मुद्दों पर उठी आवाज
चिरईगांव (वाराणसी)। तरया गांव स्थित भारतीय पशुपालक संघ के केंद्रीय कार्यालय पर संघ की छठवीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर ‘दुग्ध विकास में सहयोग की आवश्यकता’ विषयक संगोष्ठी आयोजित कर पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने गाय के दूध को स्वास्थ्य के लिए अमृत समान बताते हुए दुग्ध की शुद्धता पर जोर दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए पशुपालकों की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता रेखांकित की।
विशिष्ट अतिथि एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने गोशालाओं में निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण पर चर्चा करते हुए बताया कि सदन में मामला उठने के बाद प्रति पशु दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने पशुओं के पोषण पर विशेष बल दिया। सहजन की पत्ती को ‘सुपर फूड’ बताते हुए इसे पशुओं के आहार में शामिल करने की सलाह दी गई, जिससे दूध की गुणवत्ता व मात्रा में सुधार हो सके। ओमप्रकाश मास्टर ने गिलोय के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पशुओं के लिए लाभकारी औषधि सिद्ध हो सकती है।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर यादव ने संगठन की कार्ययोजना प्रस्तुत की तथा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश यादव ने किया और धन्यवाद ज्ञापन भारत भूषण यादव ने दिया।
इस अवसर पर संध्या भूषण, राजकुमार मिश्रा, आर.डी. यादव, उमेश प्रधान, सुभाष मास्टर, हर्ष यादव उर्फ भोलू, मनोज यादव, प्रेमप्रकाश यादव (अधिवक्ता), बाबूलाल यादव, महेंद्र उर्फ पिंटू पाल, अवधेश चमार, सत्यप्रकाश सोनकर, ईश्वर चंद्र पटेल, दयाराम यादव एवं आनंद मोहन यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।




