पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण बना उत्तर प्रदेश, ‘जीरो करप्शन और जीरो टॉलरेंस’ पर सरकार का जोर
लखनऊ: राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में रविवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि बीते 9 वर्षों में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है, जिस पर कोई भी सवाल नहीं उठा सकता। मेरिट आधारित चयन और आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया गया है, जिसके चलते न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले की भर्तियां अक्सर विवादों और बाधाओं में घिरी रहती थीं।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में जुड़ा यह 9 लाख का युवा कार्यबल ऊर्जा और प्रतिभा से भरपूर है, जिसका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में गिना जाता था, आज वही देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
सीएम योगी ने बताया कि पहले जहां राज्य को कर्मचारियों के वेतन देने में भी कठिनाई होती थी, वहीं अब उत्तर प्रदेश ‘रेवेन्यू सरप्लस’ की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रदेश अब देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है।
उन्होंने सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘जीरो टॉलरेंस’ केवल अपराध और अपराधियों के प्रति ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भी लागू है। सरकार ने पहले दिन से ही ‘जीरो करप्शन’ के लक्ष्य के साथ कार्य किया है, जिसके चलते भर्ती प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखते हुए पूरी प्रणाली को तकनीकी और पारदर्शी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो रही है।






