महापौर व नगर आयुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण • काजी हाउस की बदहाली पर जताई नाराजगी • जलनिकासी बाधित होने पर कार्रवाई की चेतावनी
वाराणसी। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने अब सख्ती का रुख अपनाया है। नालों पर हुए अतिक्रमण और गंदगी की सटीक स्थिति जानने के लिए ड्रोन सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रमरेपुर, लालपुर और अकथा वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण की शुरुआत रमरेपुर वार्ड स्थित काली मंदिर से भक्ति नगर रोड के नाले से हुई, जो शांतिपुरम कॉलोनी से होकर वरुणा नदी में गिरता है। यहां नाले की स्थिति खराब मिलने पर महापौर ने नाराजगी जताई। इसके बाद टीम अकथा वार्ड के नरोखर नाले पर पहुंची, जहां अशोक इंस्टीट्यूट के पास नाले में भारी गंदगी और किनारों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया।
महापौर ने निर्देश दिया कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से नालों का सीमांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने और सफाई कार्य प्रभावी ढंग से कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल निकासी के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में लालपुर-मीरापुर बसही क्षेत्र के ऐढ़े गांव स्थित काजी हाउस का भी निरीक्षण किया गया। यहां स्वच्छता व्यवस्था बेहद खराब मिली और पशुपालन व बाउंड्री निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। इस पर महापौर ने तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए नगर आयुक्त को संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा।
महापौर ने कहा कि बारिश से पहले सभी नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाना प्राथमिकता है, ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। इस दौरान पार्षद अशोक मौर्य, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




