सड़क हादसों के चलते प्रशासन का फैसला, दूसरी लेन बनने तक प्रतिबंध रहेगा जारी, कई जिलों की कनेक्टिविटी पर असर
वाराणसी। जनपद के चिरईगांव विकास खंड स्थित बभनपुरा गांव के पास गंगा नदी पर बने रिंग रोड पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी गई है। सोमवार देर रात से लागू इस निर्णय के तहत अब पुल से केवल छोटे वाहन ही गुजर सकेंगे।
एनएचआई द्वारा पुल के एक छोर पर बैरियर लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया है। यह पुल पूर्वांचल के कई महत्वपूर्ण जिलों—आजमगढ़, मऊ, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और भदोही—को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे अब यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

भारी वाहनों पर रोक के चलते आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर से आने-जाने वाले ट्रकों और बसों को अब गाजीपुर-गहमर-बक्सर होते हुए बिहार की ओर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की खपत भी बढ़ रही है और परिवहन लागत में इजाफा हो रहा है।
कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता आर.आर. मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। पुल पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर एक लेन को भारी वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुल की दूसरी लेन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
वाहन चालकों की सुविधा के लिए एनएचआई द्वारा संदहां चौराहे और गंगा पुल के आसपास दिशा-निर्देश बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि पहले से वैकल्पिक मार्ग की जानकारी मिल सके। हालांकि, इस निर्णय से ट्रक चालकों और परिवहन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि लंबा रूट अपनाने से समय पर माल पहुंचाना कठिन हो गया है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।




