सरकारी क्रय केंद्रों पर धान-गेहूं बिक्री में भी आएगी दिक्कत, अफसरों ने कैंपों का किया निरीक्षण
वाराणसी। प्रदेश शासन के निर्देश पर चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को न केवल अनुदानित यूरिया व अन्य उर्वरक मिलने में परेशानी होगी, बल्कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं और धान की बिक्री भी प्रभावित होगी।
मंडल व जिला स्तर के अधिकारी लगातार कैंपों का निरीक्षण कर रहे हैं और किसानों को रजिस्ट्री के लाभों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। कैंपों में कृषि, राजस्व समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी किसानों के दस्तावेजों के आधार पर मौके पर ही फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने आराजी लाइन विकास खंड में आयोजित कैंप का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। जयापुर गांव में 111 किसानों की रजिस्ट्री लंबित मिलने पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने किसानों को आगाह किया कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे किसानों को अनुदानित यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक लेने में भी बाधा आएगी। साथ ही किसान सम्मान निधि की अगली किस्त भी रोकी जा सकती है।
उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान है, जो भविष्य में उर्वरकों की खरीद और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में काम करेगी। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते रजिस्ट्री कराकर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।





