कई दिनों से प्रभावित खरीद प्रक्रिया, किसानों ने लगाया भेदभाव और अव्यवस्था का आरोप; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
(रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय)
जौनपुर। चौकियां मंडी परिषद स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। जगह की कमी और ट्रकों की अनुपलब्धता के चलते पिछले कई दिनों से खरीद प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं और मंडी के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
क्रय केंद्र प्रभारी प्रीतम सिंह के अनुसार मंडी परिसर में गेहूं भंडारण के लिए मात्र तीन दुकानों की व्यवस्था है, जो पूरी तरह भर चुकी हैं। इसके अलावा ट्रकों की भारी कमी के कारण गेहूं का उठान समय पर नहीं हो पा रहा। स्थिति यह है कि पांच से छह दिनों में मुश्किल से एक ट्रक उपलब्ध हो रहा है, जिससे खरीद प्रक्रिया बाधित हो रही है।
किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र पर पारदर्शिता की कमी है और कुछ चुनिंदा किसानों का ही गेहूं खरीदा जा रहा है। बाकी किसानों को जगह, मजदूर और ट्रकों की कमी का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय किसान जगदीश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से लगातार मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें अलग-अलग कारण बताकर लौटा दिया जाता है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी व सुचारू बनाया जाए। साथ ही पर्याप्त भंडारण व्यवस्था और ट्रकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
चौकियां मंडी की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों की आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।




