हूटर बजते ही सुरक्षित निकासी का अभ्यास, भूकंप और आग जैसी आपदाओं से बचाव के दिए गए टिप्स
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। विश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एचजी स्कूल, डुबकियां में मंगलवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया सिखाई गई।
विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही थीं कि अचानक खतरे का संकेत देते हुए हूटर बज उठा। संकेत मिलते ही सभी छात्र-छात्राओं ने बिना घबराहट के अपने-अपने नजदीकी दरवाजों का उपयोग करते हुए तेजी से बाहर निकलकर खेल मैदान में एकत्रित होकर अनुशासन का परिचय दिया।
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भूकंप, आग और अन्य आपात स्थितियों के दौरान सुरक्षित रहने और शीघ्र निकासी के तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। बच्चों को बताया गया कि संकट के समय संयम और सतर्कता सबसे जरूरी होती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़ ने अपने संबोधन में सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल बच्चों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाती हैं और जीवन रक्षक साबित होती हैं।
मॉक ड्रिल के जरिए विद्यार्थियों में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की समझ विकसित हुई। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





