अब आयुर्वेदिक पद्धति से गंभीर एवं जटिल रोगों का होगा समग्र उपचार
रिपोर्ट : विवेक राय
चिरईगांव (वाराणसी)। चिरईगांव ब्लॉक स्थित पशु चिकित्सालय के सामने “काशी वैदिक आयुर्वेद केन्द्र” का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ किया गया। केंद्र के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्रवासियों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। अब स्थानीय लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से विभिन्न सामान्य एवं जटिल बीमारियों के उपचार की सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी।
केंद्र में वरिष्ठ परामर्शी चिकित्सक डॉ. राजवैद्य शरत कुमार मिश्र एवं आयुष चिकित्सक डॉ. नवेन्दु प्रकाश मिश्र मरीजों को परामर्श एवं उपचार प्रदान करेंगे। चिकित्सकों ने बताया कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य प्राचीन आयुर्वेद पद्धति के माध्यम से लोगों को सुरक्षित, प्रभावी एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
डॉ. नवेन्दु प्रकाश मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र में प्रत्येक शनिवार से सोमवार तक नियमित ओपीडी संचालित होगी। ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। शनिवार एवं सोमवार को वे स्वयं मरीजों को परामर्श देंगे, जबकि रविवार को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजवैद्य शरत कुमार मिश्र मरीजों का उपचार करेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र में गठिया, साइटिका, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, शुगर, थायराइड, प्रोस्टेट वृद्धि, बवासीर, उदर रोग, स्त्री रोग, बांझपन, गुप्त रोग, गांठ, किडनी, पथरी, कैंसर, सफेद दाग एवं सोरायसिस सहित कई जटिल बीमारियों का आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किया जाएगा।
क्षेत्रीय लोगों ने “काशी वैदिक आयुर्वेद केन्द्र” के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही आयुर्वेदिक उपचार का लाभ मिल सकेगा।




