गंगा में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों से गहरे पानी में न जाने की अपील
घाट पर जाल, बैरिकेटिंग और जल पुलिस तैनाती की उठी मांग
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। कैथी स्थित प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव गंगा घाट पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को स्थानीय समाज, पुजारी गण, दुकानदारों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत मंदिर चौराहे से गंगा घाट तक चेतावनी संबंधी बैनर लगाए गए तथा दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया गया। जागरूकता संदेशों में श्रद्धालुओं एवं स्नान करने आने वाले लोगों से अपील की गई कि वे गहरे पानी में जाने से बचें तथा स्नान से पहले स्थानीय लोगों से पानी की गहराई की जानकारी अवश्य लें।
सामाजिक कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय के नेतृत्व में सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि भविष्य में डूबने जैसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजकर घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की मांग की गई है। मांगों में गहरे पानी वाले क्षेत्र में जाल और बैरिकेटिंग लगाने, जल पुलिस की तैनाती, गोताखोर दस्ता उपलब्ध कराने सहित सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि लगभग दो दशक पूर्व कराए गए घाट निर्माण की दीवार और कुछ खंभे आज भी पानी के अंदर मौजूद हैं, जिससे पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पानी के अंदर मौजूद दीवार को हटाकर गहराई वाले हिस्से से पहले मजबूत जाल और बैरिकेटिंग लगाई जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति खतरनाक क्षेत्र में न जा सके। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई।
अभियान में प्रमुख रूप से प्रदीप सिंह, अमित कुमार, दीन दयाल, पवन निषाद, बृजेश, नमय, मनोहर, अध्यक्ष बजरंगी गिरी, लईक अहमद, रमेश श्रीवास्तव सहित स्थानीय नाविक समाज, पुजारी समाज एवं पूजन सामग्री विक्रेताओं की सक्रिय सहभागिता रही।




