मार्कंडेय महादेव धाम में प्लास्टिक व कुल्हड़ अरघे में न छोड़ने की श्रद्धालुओं से अपील
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। गंगा-गोमती संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव धाम में गर्भगृह एवं अरघे में मिट्टी और प्लास्टिक के जलपात्र छोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ बच्चों ने जनचेतना रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया।
भंदहा कला गांव से शुरू हुई यह रैली कैथी गांव होते हुए मार्कंडेय महादेव मंदिर परिसर तक पहुंची। रैली के दौरान बच्चों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि जलाभिषेक के बाद मिट्टी अथवा प्लास्टिक के पात्रों को अरघे या गर्भगृह में न छोड़ें, बल्कि उन्हें बाहर निर्धारित सुरक्षित स्थान पर रखें।
रैली का संयोजन कर रहे अमित कुमार ने बताया कि यह शायद एकमात्र ऐसा देवालय है, जहां श्रद्धालु जलाभिषेक के बाद जलपात्रों को सीधे अरघे में डाल देते हैं। उन्होंने इसे अत्यंत दूषित परंपरा बताते हुए कहा कि इससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित होती है और समाज में गलत संदेश जाता है।
छात्रा सेजल यादव ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब श्रद्धालु धातु के पात्रों से जलाभिषेक करने के बाद उन्हें वापस साथ ले जाते हैं, तो मिट्टी और प्लास्टिक के पात्रों को मंदिर परिसर में छोड़ना उचित नहीं है।
बच्चों ने रैली के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया।
जनचेतना अभियान के आयोजन में अवनीश, सौरभ चन्द्र, अमृता, सनी एवं अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




