कन्या पूजन कर लिया देवी मां का आशीर्वाद
चौबेपुर (वाराणसी) नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 रूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ इस पावन पर्व का समापन होता है। माना जाता है कि नवरात्रि के दिनों में भगवती मां दुर्गा पूरे नौ दिन तक धरती पर रहती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन का विधान है।
इस दिन कन्या पूजन करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और अपनी कृपा बरसाती हैं। श्रद्धालुओं ने अपने अपने घरों पर कन्या पूजन के लिए कन्याओं को श्रद्धापूर्वक आमंत्रित किया कन्याओं के घर आने पर उनका स्वागत फूल-माला से कर कन्याओं को बैठने के लिए आसन बिछाएं। इसके बाद कन्याओं के पैर धोएं, फिर चावल, फूल, रोली आदि से उनकी पूजा की । इसके बाद उन्हें लाल रंग की चुनरी पहनाया गया। कन्याओं को भोजन में पूड़ी, हलवा, चने, खीर, नारियल और फल आदि खिलाया इसके बाद उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार उपहार और दक्षिणा दिया । इसके बाद उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें अगले साल फिर आने का निमंत्रण देकर विदा किया।

वहीं कृष्णा एग्रीमार्ट के प्रोपराइटर वरिष्ठ समाजसेवी उपेन्द्र कुमार मिश्रा पिंटू गुरु ने बताया कि कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को भोग के रूप में हलवा, पूरी, चने और खीर का भोग जरूर लगाना चाहिए।

इसी के साथ आप प्रसाद के रूप में कन्याओं को फल जैसे केले या सेब और मिठाई में कलाकंद या पेड़े आदि भी दे सकते हैं। इससे माता रानी अति प्रसन्न होती हैं और साधक कसुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

भोजन के बाद उन्हें उपहार के रूप में भी कुछ-न-कुछ जरूर देना चाहिए। कन्या पूजन के दौरान उपहार के रूप में उन्हें श्रृंगार का सामान जैसे, क्लिप, चुनरी या चूड़ियां आदि दे सकते हैं। इसी के साथ शिक्षा से संबंधित चीजें जैसे कॉपी, पेन-पेंसिल भी कन्याओं को दिया जा सकता है। अपने घर से कन्याओं को विदा करने से पहले उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए। जय माता दी के जयकारों के साथ उन्हें विदा करें। ऐसा करने से माता रानी आपसे प्रसन्न होती हैं।


