शहीदों की आत्मा की शांति हेतु दशाश्वमेध घाट पर हुआ विशेष पिंडदान
वाराणसी। पवित्र नगरी काशी के दशाश्वमेध घाट पर शनिवार को गंगोत्री सेवा समिति की ओर से पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए विशेष पिंडदान एवं श्राद्ध तर्पण अनुष्ठान संपन्न कराया गया। वैदिक परंपराओं के अनुसार किए गए इस अनुष्ठान में 26 दिवंगतों को सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई।
समिति अध्यक्ष किशोरी रमण दूबे के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान और तर्पण की विधि पूरी की। सात ब्राह्मणों ने वेद-मंत्रों का उच्चारण कर अनुष्ठान को दिव्यता प्रदान की। इसमें रंजीत पांडे, किसून पांडे, सीताराम पाठक, रवि शंकर पुरोहित और अंकुर पांडे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान शहीदों के नामों का स्मरण किया गया, जिनमें मन्जुनाथ राव, कॉर्पोरल टेज़ हाइलयांग, दिनेश मिरानिया, हेमंत जोशी, नीरज उद्धवानी, प्रशांत सतपथ्य, सैयद आदिल हुसैन शाह (स्थानीय गाइड), सुदीप न्यौपाने (नेपाल), यतिशभाई परमार, सुमित परमार, मनीष रंजन, भरत भूषण, शुभम द्विवेदी सहित अन्य शामिल थे।
इस अवसर पर किशोरी रमण दूबे ने कहा कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध है और ऐसी घटनाएं कायरता की प्रतीक हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन परंपराओं के माध्यम से हम निर्दोष आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
समिति पदाधिकारियों में दिनेशंकर दूबे, संदीप कुमार दूबे, संकठा प्रसाद, मयंक दूबे समेत अनेक सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने आगे भी ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए समाज में सहानुभूति, एकजुटता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।




