नमामि गंगे के तत्वावधान में कार्तिक महोत्सव पर स्वच्छता जनजागरण अभियान आयोजित
प्रयागराज । “गंगा और यमुना केवल नदियाँ नहीं, बल्कि जीवन का प्रवाह हैं। उनकी स्वच्छता में ही मानवता की पवित्रता निहित है।” — नमामि गंगे कार्यक्रम संयोजक राजेश शर्मा ने यह संदेश कार्तिक महोत्सव के अवसर पर बलुआ घाट, यमुना तट पर आयोजित स्वच्छता जनजागरूकता कार्यक्रम में दिया।
नमामि गंगे के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा टास्क फोर्स 137 बटालियन ने स्थानीय नागरिकों को नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर जागरूक किया।
महापौर उमेश चंद गणेश केसरवानी ने कहा कि “धर्म की सच्ची परिभाषा वही है जो समाज को धारण करे। जब तक नदियाँ, पर्वत और वृक्ष सुरक्षित रहेंगे, तभी तक मानव जीवन और प्रकृति की रक्षा संभव है।” उन्होंने दुर्गा कवच का उल्लेख करते हुए कहा कि देवी दुर्गा ने स्वयं कहा है — “नदी, पर्वत और वृक्ष जब तक संरक्षित रहेंगे, तभी तक मैं जगत की रक्षा कर सकूंगी।”
पूर्व आईपीएस लालजी शुक्ला ने पंचमहाभूत की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे शरीर के पाँच तत्व — पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश — तभी शुद्ध रहेंगे जब हम गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखेंगे। यह हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
डॉ. नरेंद्रनाथ व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि वैदिक संस्कृति सदैव प्रकृति की शुद्धता और संतुलन पर बल देती आई है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी देवराज इंद्र की पूजा बंद कराकर गोवर्धन और यमुना की पूजा इसी उद्देश्य से प्रारंभ कराई थी कि मानव पर्यावरण की रक्षा को ही सर्वोच्च धर्म समझे।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. कंचन मिश्रा, सचिव अथर्वन फाउंडेशन, द्वारा किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन की ओर से स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें आने वाले स्नानार्थियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को कपड़े के झोले, टी-शर्ट और कैप्स वितरित किए गए।
डॉ. मिश्रा ने लोगों से अपील की कि वे गंगा-यमुना को माता के रूप में पूजें और उनमें किसी भी प्रकार की गंदगी या कचरा न डालें।
अथर्वन फाउंडेशन के अध्यक्ष ब्रजेश मिश्र ने कहा कि नमामि गंगे, गंगा टास्क फोर्स और अथर्वन फाउंडेशन का यह संयुक्त अभियान समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल है।
कोषाध्यक्ष डॉ. सुभाष वर्मा ने हरित और स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में श्री संजय ममगई (जोनल अधिकारी), श्री रंजन शर्मा, सुरेंद्र सिंह (माँ गंगा सेवा समिति), श्री शिवकुमार शर्मा (तीर्थपुरोहित), चौधरी शैलेन्द्र नाथ सिंह, श्री ॐ प्रकाश द्विवेदी, महेंद्र कुमार पांडे, प्रभाकर मिश्रा, प्रवीण कुमार केसरवानी, शनि अग्रहरि, रामजी सिंह, फूलचंद गुप्ता, अवधेश पांडे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
अथर्वन फाउंडेशन की ओर से डॉ. अमिता गुप्ता, डॉ. अर्चना मिश्रा, मोहिता त्रिपाठी, नीलम पांडेय, सरिता दुबे, सुषमा सिंह, प्रीति गुप्ता, कल्पना जायसवाल, अल्पना सिंह, एडवोकेट आशीष मिश्रा, हेमंत कुमार और अंकित पाठक ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से माँ यमुना की आरती में भाग लिया और “स्वच्छ, निर्मल और अविरल गंगा-यमुना” के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।






