फर्जी एसओजी बनकर कॉल करने वाले ठगों से सावधान रहने को कहा पुलिस ने
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
रामपुर (जौनपुर)। नाबालिग किशोरी के अपहरण और फिरौती मांग से जुड़ी खबरों को लेकर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अपील जारी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला अपहरण का नहीं, बल्कि किशोरी के अपने प्रेमी के साथ चले जाने का है। किशोरी की उम्र कम होने के कारण परिजनों की तहरीर पर रामपुर थाने में अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस विधिक कार्रवाई करते हुए किशोरी की तलाश में जुटी हुई है।
इसी बीच परिजनों के पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को एसओजी पुलिस का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि किशोरी मिल गई है और जल्द घर पहुंचा दी जाएगी। इसके एवज में 14 हजार रुपये की मांग की गई। इस कॉल की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में उक्त नंबर कोलकाता का बताया जा रहा है और इसे ठगी/फ्रॉड गैंग से जुड़ा माना जा रहा है।
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को आश्वस्त किया कि किशोरी को शीघ्र बरामद कर सुरक्षित परिवार को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यह ठगों की सोची-समझी साजिश है, जो ऑनलाइन दर्ज मुकदमों की जानकारी के आधार पर पीड़ित परिवारों को फोन कर गुमराह करते हैं।
महत्वपूर्ण अपील: पुलिस या कोई भी सरकारी अधिकारी कभी भी फोन पर क्यूआर कोड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या नकद पैसे की मांग नहीं करता। इस प्रकार के कॉल्स पर विश्वास न करें और तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।
पुलिस ने आमजन से भ्रामक खबरों से बचने और जालसाजों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







