साइबर क्लब का विस्तार, विद्यार्थियों व कर्मचारियों को मिलेगी तकनीकी, विधिक व मनोवैज्ञानिक सहायता
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के बीच बढ़ते साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती मानते हुए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. वंदना सिंह के निर्देशन में साइबर क्लब का विस्तार किया गया है।
साइबर क्लब के माध्यम से अब विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को साइबर जागरूकता के साथ-साथ साइबर अपराध की स्थिति में निःशुल्क तकनीकी, विधिक एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति में डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर को पुनः नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. अन्नू त्यागी को सह नोडल अधिकारी एवं काउंसलर, डॉ. राहुल राय को विधि परामर्शदाता तथा सत्यम उपाध्याय को तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है।
यह टीम साइबर अपराध की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने की दिशा में कार्य करेगी। साइबर क्लब जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ तकनीकी सहायता, विधिक मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक परामर्श भी उपलब्ध कराएगा।
समिति की ऑनलाइन बैठक में विभागवार साइबर वॉलिंटियर्स नेटवर्क के माध्यम से नियमित डिजिटल संदेश भेजकर विद्यार्थियों को लगातार साइबर जागरूक करने का निर्णय लिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि साइबर अपराध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए साइबर क्लब द्वारा त्रि-स्तरीय सहायता मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत तकनीकी स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान, शिकायत दर्ज कराने में सहायता, विधिक मार्गदर्शन तथा मानसिक स्तर पर साइबर अपराध से उत्पन्न तनाव, भय और मानसिक आघात से उबरने के लिए निःशुल्क मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था की गई है।





