प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली सूचना पर कोतवाली व साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर देशभर में 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें एक संदिग्ध मोबाइल नंबर को चिह्नित किया गया था।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता एवं क्षेत्राधिकारी साइबर देवेश सिंह के निर्देशन और पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह तथा साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और राजेश यादव के नेतृत्व में यह सफलता मिली।
पुलिस ने थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 08/26, धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471 भादवि से संबंधित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रियम श्रीवास्तव ने ‘राजरिता’ नाम से एक फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाई थी। वह ए-4 साइज पेपर और नोटबुक की सप्लाई का झांसा देकर लोगों से ऑर्डर लेता और अपने तथा परिजनों के बैंक खातों में रकम मंगवा लेता था।
ग्राहकों द्वारा डिलीवरी के लिए संपर्क करने पर आरोपी इनवाइस मेकर ऐप से फर्जी बिल और पिक्सआर्ट ऐप के जरिए डीटीडीसी कूरियर की फर्जी बिल्टी तैयार कर व्हाट्सएप पर भेज देता था, जबकि वास्तव में कोई माल डिलीवर नहीं किया जाता था।
आरोपी एक्सपोर्टर इंडिया और इंडिया मार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से नए ग्राहकों को खोजता था। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफार्म का सहारा लेकर भी लोगों से पैसे मंगवाकर अपने खातों में जमा कराता था।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021 से अब तक आरोपी के बैंक खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुई है। साइबर पुलिस पोर्टल पर जांच करने पर आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 21 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला बड़े स्तर की साइबर ठगी से जुड़ा है। अन्य पीड़ितों की पहचान और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






