यूपी के न्यायिक कार्य देश में बनेंगे उदाहरणः सीजेआई
चन्दौली। शनिवार का दिन जनपद चंदौली के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। जिला मुख्यालय स्थित कोर्ट कॉम्प्लेक्स परिसर में एकीकृत न्यायालय भवन के शिलान्यास एवं भूमि पूजन का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ मंच पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ हुआ। मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। इस दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना न्यायिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। चंदौली का यह एकीकृत न्यायालय परिसर आने वाले 50 वर्षों तक न्यायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा।
मुख्य न्यायाधीश ने महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से चैंबर की व्यवस्था तथा सभी कोर्ट परिसरों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे न्यायिक कार्य से जुड़े सभी लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का मजबूत होना आवश्यक है। आम आदमी को सरल और सहज न्याय मिले, इसके लिए आधुनिक और मजबूत बुनियादी ढांचा जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदौली जनपद को एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए लगभग 286 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। शिलान्यास के बाद एलएंडटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा निर्माण कार्य तेजी से किया जाएगा और इसे तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।
एकीकृत न्यायालय परिसर में सभी अदालतें एक ही छत के नीचे होंगी। अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, पार्किंग, कैंटीन और अन्य नागरिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, भाजपा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के समन्वय से जनपद को न्याय और विकास की बड़ी सौगात मिली है। एकीकृत न्यायालय परिसर चंदौली के लिए मील का पत्थर साबित होगा और न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।







