दुर्लभ “साइक्लोपिया सिंड्रोम” से जुड़ा मामला, डॉक्टरों ने अफवाहों से बचने की अपील की
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। जिले के शाहगंज क्षेत्र स्थित सिटी नर्सिंग होम में जन्मे एक नवजात शिशु की असामान्य शारीरिक बनावट के कारण मृत्यु हो गई। नवजात के माथे पर केवल एक आंख होना और नाक का पूर्ण विकास न होना देख इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई, वहीं सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल होने लगे।
चिकित्सकों के अनुसार यह मामला अत्यंत दुर्लभ जेनेटिक विकार साइक्लोपिया सिंड्रोम से जुड़ा है। यह विकार गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के मस्तिष्क और चेहरे के विकास में गंभीर असामान्यता के कारण उत्पन्न होता है, जिसमें आंख, नाक और चेहरे के अन्य अंगों का सामान्य विकास नहीं हो पाता।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह चिकित्सकीय और वैज्ञानिक कारणों से जुड़ा मामला है, जिसका किसी भी प्रकार की अलौकिक शक्ति, रहस्यमयी घटना या तथाकथित “एलियन थ्योरी” से कोई संबंध नहीं है।
सूत्रों के अनुसार नवजात का जन्म गंभीर शारीरिक विकृति के साथ हुआ था। चिकित्सकों द्वारा तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई, लेकिन स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण नवजात को बचाया नहीं जा सका और जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद सिटी नर्सिंग होम के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कुछ लोगों द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कई प्लेटफॉर्म पर इसे रहस्यमयी और अलौकिक घटना बताने के प्रयास किए गए, जिससे क्षेत्र में भ्रम की स्थिति बन गई।
चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यह एक दुर्लभ लेकिन ज्ञात चिकित्सकीय स्थिति है, जिसका विज्ञान में स्पष्ट विवरण मौजूद है।
डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और समझदारी जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को मानसिक आघात न पहुंचे और समाज में भ्रम की स्थिति न बने।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है, वहीं प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।







