स्वर्ण आर्मी का सिंचाई विभाग से कलेक्ट्रेट तक मार्च, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। यूजीसी कानून के विरोध में मंगलवार को जिले में सवर्ण समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। स्वर्ण आर्मी के बैनर तले बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल रहीं, सिंचाई विभाग की पानी टंकी से नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कानून को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह देश के छात्रों के हित में नहीं है। जुलूस के दौरान कानून विरोधी नारे लगाए गए और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए इस कानून को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि विद्यालयों में सवर्ण छात्र शून्य कक्षा से लेकर उच्चतम डिग्री तक कठिन परिश्रम और संघर्ष के बल पर शिक्षा प्राप्त करते हैं, लेकिन यह कानून छात्रों को शिक्षा से वंचित करने वाला साबित होगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कानून की कुछ धाराओं के दुरुपयोग से सवर्ण छात्रों को झूठे मामलों में फंसाए जाने का खतरा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आशंका जताई कि इस कानून से सवर्ण समाज की सामाजिक प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उनका कहना था कि भय और असुरक्षा के माहौल के कारण छात्र-छात्राएं विद्यालय छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
सवर्ण समाज ने यह भी आरोप लगाया कि जैसे एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग के मामले सामने आते रहे हैं, उसी तरह इस कानून का भी गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी गई।







