पेंडिंग मुकदमों के सामूहिक निस्तारण का ऐलान, जज सिंह अन्ना की मेहनत की मेहनत लाइ रंग।
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में राजस्व व्यवस्था में सुधार और लंबित बैनामा व कब्जा मामलों के निस्तारण की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन गुरुवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। समाजसेवी जज सिंह ‘अन्ना’ ने शाम 4:40 बजे जिलाधिकारी से वार्ता के उपरांत अनशन तोड़ा।
अनशन की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अन्ना को अपने कार्यालय में बुलाया। संबंधित राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में लंबी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने मांगों को “जायज” मानते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वर्षों से लंबित बैनामा और कब्जे से जुड़े मामलों में अब अनावश्यक देरी नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने घोषणा की कि जिले की सभी तहसीलों में बैनामा से संबंधित लंबित मुकदमों का विशेष अभियान चलाकर सामूहिक निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
गौरतलब है कि तहसीलों में वर्षों से लंबित बैनामा और कब्जे के मामलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि अनेक वादों में सुनवाई की प्रक्रिया धीमी है और वादकारी लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अनशन समाप्त करने के बाद जज सिंह ‘अन्ना’ ने कहा कि यह केवल उनकी नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की जीत है जो राजस्व न्याय के लिए वर्षों से प्रयासरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक आश्वासन पर भरोसा जताया, साथ ही कहा कि कार्यवाही की गति पर उनकी नजर बनी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि घोषित विशेष अभियान कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू होता है तथा लंबित मामलों को वास्तविक राहत मिलती है या नहीं।



