चार जिलों के 28 शिक्षकों ने सीखी भाषा और गणित पढ़ाने की रोचक विधियां
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को भाषा और गणित विषय को रोचक एवं प्रभावी तरीके से पढ़ाने के उद्देश्य से आशा ट्रस्ट द्वारा भंदहाकला स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर चार दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस कार्यशाला में वाराणसी, मिर्जापुर, बलिया सहित चार जिलों से कुल 28 शिक्षक-प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें अधिकांश प्रतिभागी आशा सामाजिक शिक्षण केंद्रों से जुड़े शिक्षक थे, जो दूरस्थ क्षेत्रों एवं ईंट-भट्ठों पर प्रवासी मजदूरों के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को भाषा और गणित को खेल, गीत एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने की विधियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण में बच्चों को अक्षर पहचान से लेकर शब्द और वाक्य निर्माण तथा अंकों की पहचान को सरल और रोचक तरीके से समझाने पर विशेष जोर दिया गया।
भोपाल की एकलव्य संस्था से आए प्रशिक्षक कार्तिक कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को रंगीन कागज एवं आसपास उपलब्ध कबाड़ सामग्री का उपयोग कर शैक्षिक सामग्री तैयार करने की उपयोगी तकनीकें सिखाईं।
आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि रोचक और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और समझ दोनों बढ़ती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महेश कुमार, दीन दयाल सिंह, प्रदीप सिंह, सौरभ चन्द्र और अंगद शर्मा का विशेष योगदान रहा।




