नारद भक्ति संवाद से भावविभोर हुए श्रद्धालु, पंडाल में गूंजा भक्ति-ज्ञान का संदेश
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। गौरा रोड स्थित श्री हनुमान मंदिर के पास आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक मथुरा-वृंदावन से पधारे व्यास श्री कृष्णा शरण महाराज के श्रीमुख से कथा श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया।
भव्य आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया। कथा के दौरान जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा।
व्यास श्री कृष्णा शरण महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सच्ची भक्ति से ही ज्ञान और वैराग्य का उदय होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी और बताया कि यही जीवन को सार्थक बनाता है।
प्रथम दिवस पर नारद भक्ति संवाद का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। धुंधकारी प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सत्संग और भागवत श्रवण से बड़े से बड़ा पापी भी मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।
नारद जी और सनकादिक ऋषियों के संवाद के जरिए भगवान के नाम, रूप, लीला और गुणों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया, जिससे पूरा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
इस अवसर पर विंध्यवासिनी उपाध्याय, प्रदीप सोनी, राजू सेठ, अजय गुप्ता, विनोद चतुर्वेदी, अन्तिम उपाध्याय, शरद उपाध्याय, शिवम चतुर्वेदी, विपुल, विशाल, मोहित, धर्मबीर गुप्ता, दिलीप सेठ, एन.पी. जायसवाल, नन्हे, अतुल गुप्ता, हरिद्वार सेठ, एस. चौबे, अर्जुन गुप्ता, शारदा चतुर्वेदी, कलावती सोनी, गुड़िया गुप्ता, नैसी एवं प्रभावती देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के अंत में विधिवत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। पहले दिन का समापन भक्तिमय माहौल में हुआ, जबकि आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।





