तीसरे पड़ाव पर उमड़ी भारी भीड़, युवाओं को गीता के सिद्धांत अपनाने का आह्वान
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। चिरईगांव क्षेत्र के ढाब (गोबरहां ग्राम) में रविवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और जनजागरण का अनूठा संगम देखने को मिला। कर्मयोगी पीठ द्वारा संचालित ‘गीता चेतना अभियान’ का तीसरा पड़ाव श्री त्रिदण्डी स्वामी शिक्षण संस्थान परिसर में भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद के साथ पंडित अतुल पांडेय द्वारा किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मुख्य वक्ता कर्मयोगी गौरव मिश्र ने अपने प्रेरक संबोधन में श्रीमद्भगवद्गीता के सार को सरल शब्दों में प्रस्तुत करते हुए कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के हर संघर्ष में मार्गदर्शन देने वाली दिव्य शक्ति है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से गीता के सिद्धांतों को अपनाकर जीवन को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया।
आचार्य सुशील चंद्र श्रीवास्तव और डॉ. चंद्रदेव पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गीता के कर्म, ज्ञान और भक्ति योग की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में गीता का अनुसरण व्यक्ति को मानसिक संतुलन और सफलता की राह दिखाता है।
कार्यक्रम का संचालन बालव्यास मार्कण्डेय त्रिपाठी ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी पंचम सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित क्षत्रिय महासभा के अश्वनी सिंह ने इसे समाज में नैतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
आयोजन की व्यवस्था मायाशंकर मिश्र और श्यामकार्तिक मिश्र के नेतृत्व में सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उपस्थित लोगों को श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण रहा, जिससे आयोजन की सार्थकता और बढ़ गई।
अंत में अरविंद मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शिवशरण पटेल, गुलाब यादव, बृजेश मिश्र, संतोष सिंह, राजभिषेक मिश्र सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




