5100 ध्वज, 1100 भक्तों के हाथों में गदा और 250 सेवा स्टॉल बनेंगे आकर्षण; 2 अप्रैल को भिखारीपुर से शुरू होगी भव्य यात्रा
वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी एक बार फिर भक्ति के विराट रंग में रंगने जा रही है। भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार संकट मोचन श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाली ‘श्री हनुमान ध्वज यात्रा’ इस वर्ष अपने 23वें वर्ष में प्रवेश करते हुए भव्यता और श्रद्धा का नया इतिहास रचने को तैयार है।
श्री हनुमत सेवा समिति, नेवादा के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा को लेकर शहर में उत्साह चरम पर है। एक पत्रकार वार्ता में समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार यात्रा को और अधिक दिव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
यात्रा का मुख्य आकर्षण 1100 हनुमान भक्तों के हाथों में सुशोभित गदा होगी, जो शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक बनेगी। वहीं, 5100 लाल-केसरिया ध्वजों से सजा आसमान पूरे मार्ग को धार्मिक आभा से आलोकित करेगा।
भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए भिखारीपुर तिराहे से संकट मोचन मंदिर तक करीब 250 सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी, फलाहार और ड्राईफ्रूट्स का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा 100 से अधिक डमरू वादकों का दल यात्रा के दौरान वातावरण को शिवमय और ऊर्जावान बनाए रखेगा।
यह ऐतिहासिक ध्वज यात्रा 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को प्रातः 7 बजे भिखारीपुर तिराहे से षोडशोपचार पूजन एवं भव्य आरती के साथ प्रारंभ होगी। हजारों श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा में शामिल होकर संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे।
पत्रकार वार्ता में समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्य, कोषाध्यक्ष अजय मौर्य एवं संरक्षक डॉ. संतोष ओझा ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की।





