कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-9 से धरपकड़, 1.70 लाख नकद व 18 लाख की कार बरामद
वाराणसी। कैंट थाना पुलिस और एसओजी-01 की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.70 लाख रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त करीब 18 लाख रुपये कीमत की कार बरामद की है। गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसा देकर उनकी नकदी पार कर देते थे।
बुधवार तड़के करीब 3 बजे कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-9 के पास संयुक्त अभियान चलाकर पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को दबोच लिया। इस संबंध में थाना कैंट परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार और एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय ने संयुक्त रूप से जानकारी दी।
गिरफ्तार अभियुक्तों में जितेंद्र मिश्रा, मृत्युंजय कुमार सिंह, कुनाल कुमार तिवारी, राजू पांडेय, राजेश्वर तिवारी, राहुल तिवारी, सूरज तिवारी, संजय तिवारी, मुकुल तिवारी तथा रिक्की तिवारी उर्फ अनिकेत तिवारी शामिल हैं। सभी आरोपी बिहार के बेगूसराय जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से नकदी के अलावा चेकबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, एसबीआई एटीएम कार्ड और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह अलग-अलग शहरों में जाकर पहले होटलों में ठहरता था और फिर बैंक, एटीएम व भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करता था। जब किसी व्यक्ति के पास अधिक नकदी होने का अंदेशा होता, तो गिरोह का एक सदस्य उस पर जानबूझकर गंदगी या खाने की चीज गिरा देता। इसके बाद दूसरा सदस्य मदद के बहाने पास आकर सफाई के दौरान चुपके से पैसा पार कर देता और सभी आरोपी कार से फरार हो जाते।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ कैंट थाने में पूर्व में भी धोखाधड़ी व चोरी का मुकदमा दर्ज है। 10 फरवरी 2026 को चंदा देवी का करीब 7 लाख रुपये से भरा बैग इसी गिरोह ने पार किया था। इसके अलावा वाराणसी व बिहार के कई जिलों में भी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना कैंट पुलिस, एसओजी-01 और साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई।





