NEP-2020 के तहत सभी स्नातक पाठ्यक्रम होंगे चार वर्षीय, बीएससी बायो में सीटें बढ़ीं; विदेशी छात्रों के लिए हिंदी कोर्स भी शुरू
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शुक्रवार को कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पंत प्रशासनिक भवन स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन समिति कक्ष में हुई इस बैठक में आगामी सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया, सीट निर्धारण, नए पाठ्यक्रमों और शैक्षणिक ढांचे में बदलाव को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक के बाद कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि स्नातक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। इस वर्ष भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट के आधार पर ही संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि बीएससी बायोलॉजी में 60 अतिरिक्त सीटों की वृद्धि की गई है, जिससे विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिल सकेंगे। साथ ही, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत अब सभी स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्षीय होंगे। इस प्रणाली के अंतर्गत चार वर्ष का स्नातक पूरा करने वाले छात्रों को स्नातकोत्तर केवल एक वर्ष में पूरा करने का अवसर मिलेगा।
विदेशी छात्रों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2026-27 से हिंदी भाषा का एक नया विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय भी लिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को हिंदी सीखने का अवसर मिलेगा और वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी।
बैठक में कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, प्रवेश समन्वयक एवं डीन अकादमी प्रो. बंशीधर पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. केके सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा सहित सभी संकायाध्यक्ष, निदेशक और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।




